सांसद निधि की तुलना दूसरी योजनाओं से नहीं हो सकती
Down the road, that’s where I’ll always be. Every stop I make, I make a new friend. Can’t stay for long, just turn around and I’m gone again. Maybe tomorrow, I’ll want to settle down, Until tomorrow
मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसी मूल भावना के साथ अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ निरंतर जैन समाज, संस्कृति, दर्शन एवं पत्रकारिता के संवर्धन हेतु कार्यरत है। संघ की विभिन्न गतिविधियाँ, जैसे राष्ट्रीय अधिवेशन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, शोधात्मक संगोष्ठियाँ, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन, समय-समय पर देशभर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित होती रही हैं। इस पृष्ठ पर संघ से संबंधित ऐसी ही महत्वपूर्ण मीडिया कवरेज का संकलन प्रस्तुत किया गया है, जो संगठन की राष्ट्रीय पहचान को सशक्त करता है।
इसे व्यापक संदर्भ में देखने की आवश्यकता है। इसका कारण है। देश की आधारभूत संरचनाओं में प्रगति अब ठोस यथार्थ बन चुकी है। सड़क, पानी, बिजली, नाली, सीवर आदि जो कल तक स्थानीय लोगों की ज्वलंत समस्याएं हुआ करती थीं
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