आदर्श गणराज्य की ओर बढ़ता भारत
Down the road, that’s where I’ll always be. Every stop I make, I make a new friend. Can’t stay for long, just turn around and I’m gone again. Maybe tomorrow, I’ll want to settle down, Until tomorrow
मीरा कुमार, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष
आज गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मैं सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नतमस्तक होकर श्रद्धापूर्वक प्रणाम करती हूं। उन्हीं की कुर्बानियों की वजह से आज हम भारत जैसे गौरवशाली गणतंत्र के नागरिक हैं। खुली हवा में सांस ले रहे हैं। निस्संदेह, हमारा गणतंत्र हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
आजादी के बाद हमारे देश की राजनीतिक व्यवस्था ने गणतंत्र की परिकल्पना की और उसे साकार रूप दिया। यह राजनीतिक व्यवस्था समता पर आधारित है। देश में जितने भी वयस्क हैं, उन्हें मत देने का बराबर का अधिकार हासिल है। चाहे वे धनवान हों या निर्धन, स्त्री हों या पुरुष, किसी भी जाति अथवा धर्म के हों, सबको एक वोट देने का अधिकार है।
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