1993 में पारित कानून में ही छिपा है ट्रस्ट का प्रावधान, सौंपा जाएगा जमीन का मालिकाना हक
राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया है। बताया जा रहा है कि बहुत जल्द सरकार इस बाबत कदम बढ़ाएगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार सरकार सीधे तौर पर अधिसूचना जारी कर राममंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन कर सकती है।
1993 में नरसिंह राव सरकार ने अयोध्या जमीन अधिग्रहण कानून में ही ट्रस्ट का प्रावधान कर दिया था। चूंकि संसद से पारित कानून में पहले ही ट्रस्ट का प्रावधान है, इसीलिए इसके लिए नए सिरे से संसद में जाने की जरूरत नहीं है। एक बार ट्रस्ट का गठन होने के बाद रामलला की सारी विवादित जमीन और 1993 में अधिग्रहित जमीन ट्रस्ट को सौंप दी जाएगी।
जल्द शुरू होगी ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया
सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार जल्द ही ट्रस्ट के गठन की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। उनके अनुसार 1993 में संसद से पास अयोध्या जमीन अधिग्रहण कानून के उपबंध छह और सात में स्पष्ट रूप से ट्रस्ट बनाने का प्रावधान किया जा चुका है।